उत्तराखंडदेहरादूनराजनीति

BJP मुख्यालय में फूलों से नहाए CM पुष्कर::किया दावा,`देश बार में लागू होगा उत्तराखंड का UCC कानून-राजस्थान में चर्चा शुरू’:कहा,`PM मोदी के मार्गदर्शन में देवभूमि जल्द बनेगा सर्वश्रेष्ठ राज्य’:जोश में दिखे पार्टी के ओहदेदार-कार्यकर्ता

खबर को सुने

BJP महिला विंग की राष्ट्रीय GS दीप्ति ने कहा,`महिलाओं को UCC से मिलेगा सम्मान संग बराबरी का अधिकार’

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी-जो कहा-कर दिखाया

CM पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया कि उत्तराखंड विधानसभा में पास Uniform Civil Code जल्द ही पूरे भारत में लागू होगा.धीरे-धीरे सभी राज्य इसको अपनाएंगे.बलबीर रोड पर BJP State Headquarter में उन्होंने विधानसभा से निकलने के बाद पार्टी के बेहद उत्साहित दिख रहे ओहदेदारों-कार्यकर्ताओं से कहा कि BJP सरकार ने अवाम से किया सबसे बड़ा वादा पूरा कर दिखाया है.मुख्यमंत्री पर इस दौरान फूलों की जोरदार बारिश की गई और उनको बधाई देने वालों का तांता लगा रहा.

CM ने कहा कि समान नागरिक संहिता को कानून की शक्ल दे दी गई है. निश्चित रूप से पूरे भारत में ये लागू होगा। इस कानून के लागू होने के बाद दुराचार, अनाचार, विषमता, असमानता सब कुछ दूर हो जाएंगी. मातृशक्ति के लिए यह बिल सर्वाधिक महत्वपूर्ण साबित होगा। डॉ भीमराव अंबेडकर, डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एक समान कानून की दरकार दशकों पहले जता दी थी.राजस्थान में भी इस बिल पर चर्चा प्रारंभ हो गई है.

BJP National GS (women) Deepti Rawat Bhardwaj with CM Pushkar Singh Dhami (file foto)

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाली संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह देश का पहला ऐसा कानून है जो जनता के माध्यम से लागू हुआ। प्रदेश के लोगों को UCC पर जागरूक बनाने के लिए अब मंडल स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी.

उन्होंने कहा कि 30 फीसदी महिला आरक्षण के बाद आज 10 फ़ीसदी आंदोलनकारी आरक्षण को भी सरकारी नौकरियों में लागू कर दिया है।  उत्तराखंड के लिए आज विशेष दिन है. हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कार्य कर रहे हैं. उन्होंने केदारनाथ में कहा था कि तीसरी सदी उत्तराखंड की होगी. आज देवभूमि से पारित हुआ यह कानून निश्चित रूप से उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

BJP के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों तथा मंत्रियों के लिए ये बधाई का बहुत बड़ा अवसर है। समान नागरिक संहिता कानून बेहद जरूरी था.मुख्यमंत्री पुष्कर ने एक देश-एक कानून की दिशा में कदम बढ़ा दिया है.इसका श्रेय निश्चित तौर पर उनको जाता है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि हमने जनता से जो वादा किया था उसे पूरा किया। मुस्लिम विधायकों का भी इसमें समर्थन मिला है. निर्दलीय तथा बसपा ने भी व्यक्तिगत स्तर पर इसका समर्थन किया. अपने आप में ये काफी महत्वपूर्ण है। प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कहा कि CM पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य आगे बढ़ रहा है. इस अवसर पर मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल भी थे.

विधायक खजान दास, शक्तिलाल शाह, सुरेश गढ़िया, रेनू बिष्ट, अनिल नौटियाल,भोपाल राम, प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, किसान मोर्चा अध्यक्ष जोगेंद्र पुंडीर, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी विश्वास डाबर, विनय रोहिल्ला,विशाल गुप्ता और मनवीर सिंह चौहान भी मौजूद थे.

———————————————–

UCC कानून मातृशक्ति को बराबर अधिकार के साथ ही सम्मान:दीप्ती रावत भारद्वाज

——————————————————————————

BJP की महिला Wing की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने UCC कानून को महिलाओं को सम्मान और बराबर का दर्जा दिलाने वाला करार दिया.उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने युवा और दमदार CM पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में इस कानून को लागू करने की अगुवाई कर देश में खुद को तेजी से आगे बढ़ता राज्य साबित कर दिया.

उन्होंने कहा कि UCC कानून का उद्देश्य सभी धर्मों को एक ही कानूनी ढांचे में लाकर हर नागरिक के साथ समान व्यवहार करना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 के अंतर्गत शामिल हमारे नीति निदेशक तत्वों के सफल क्रियान्वयन का एक और उदाहरण आज उत्तराखंड सरकार ने सफलतापूर्वक पेश किया.

दीप्ति रावत ने कहा कि Uniform Civil Code राष्ट्रीय एकीकरण और समानता आधारित राष्ट्र के तौर पर भारत को और मजबूती प्रदान करेगा.इस कानून की देश को सख्त जरूरत थी.उत्तराखंड ने इसको लागू कर देश भर में इसके अमल का रास्ता खोल दिया.इस कानून के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री पुष्कर ने जीवट लगा के देश और दुनिया के सामने मिसाल कायम की है.

BJP महिला विंग की राष्ट्रीय GS ने कहा कि महिलाओं के दृष्टिकोण से समान नागरिक संहिता उनके अधिकारों  और उनकी सुरुक्षा का ठोस घोषणा पत्र है. लिव इन रिलेशनशिप की कोई कानूनी मान्यता न होने से अनेक स्त्रियों को आज शोषण का शिकार होना पड़ता था.UCC में पीड़ा को ख़त्म कर दिया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button