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CM पुष्कर ने कहा,`बरसाती-ग्लेशियर आधारित नदियों को जोड़ा जाए:पर्यावरणीय बंदिशों से विकास पर फर्क का भी उठाया मुद्दा:योगी ने मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक वाराणसी में कराने का प्रस्ताव रखा 

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Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने आज सुझाव दिया कि बरसाती नदियों को ग्लेशियर से निकली नदियों से जोड़ने से अधिक फायदा और सुरक्षा के नजरिये से बेहतर साबित होगा.उन्होंने उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए यहाँ अवस्थापना सुविधाओं के विकास तथा आवश्यक सेवाओं के सृजन में अन्य राज्यों की अपेक्षा लागत अधिक रहने की दिक्कत भी उठाई।

UP के CM योगी आदित्यनाथ को गुलदस्ता देते CM पुष्कर सिंह धामी
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गुलदस्ते से स्वागत करते CM पुष्कर सिंह धामी

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण विकास कार्यों के संचालन में कतिपय कठिनाइयां रहती है. आर्थिक संसाधन सीमित हैं। इन परिस्थितियों एवं संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद राज्य की प्रति व्यक्ति आय को राष्ट्रीय औरत से लगभग दो गुना करने में हम सफल हुए हैं; राज्य के विकास की दिशा में कई उपलब्धियां हासिल की है.सरकार उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

CM ने कहा कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली गंगा, यमुना, काली सहित अनेक बारह मासी नदियां मैदानी क्षेत्रों की जीवन रेखा भी है। उनको ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया जाना चाहिए.इसका लाभ उत्तराखण्ड के साथ ही पूरे देश को होगा। इसके लिए उत्तराखण्ड सहित अन्य मध्य क्षेत्रीय राज्यों को केंद्र सरकार से तकनीकि एवं वित्तीय सहयोग मिलना चाहिए.

मध्य क्षेत्रीय परिषद की नरेंद्र नगर में आयोजित बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठक का आयोजन उत्तराखण्ड में करने के लिए  केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद केंद्र तथा राज्यों के मध्य आपसी सहयोग एवं समान प्रकार के मामलों में सेतु के समान है। परिषद आपसी विचारों एवं अनुभवों को साझा करने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमें अपने सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। ऑल वेदर रोड को सीमान्त क्षेत्र तक बढ़ाने की आवश्यकता है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की तर्ज पर राज्य के दूसरे मण्डल में टनकपुर से बागेश्वर रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना भी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का आपदाओं जैसे भूस्खलन, अतिवृष्टि, वनाग्नि, ग्लेशियर खिसकना इत्यादि से चोली दामन का साथ है। इसके लिए राज्य को एक सशक्त वेदर फॉर कास्टिंग सिस्टम, डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषद की 25वीं बैठक काशी विश्वनाथ की नगरी में रखने का प्रस्ताव रखा.उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बीमारू से समृद्ध राज्य के रूप में पहचान बना रहा है। इस अवसर पर मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. सुखबीर सिंह सन्धु के साथ ही कई सचिव भी  उपस्थित थे।

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