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Big News::मंत्रिमंडल की UCC को हरी झंडी: 6 को विधानसभा में पेश होगा विधेयक:CM पुष्कर ने संघ-मोदी-BJP का एजेंडा लागू करने में मारी बाजी:बेटियों को बेटे के बराबर हक़

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सभी दलों-देश-विदेश के लोगों की नजरें उत्तराखंड के UCC पर गड़ी  

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने मंत्रिमंडल की बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रस्ताव को पास करा लिया.6 फरवरी को विधानसभा के पटल पर इसके विधेयक को पेश कर दिया जाएगा.इसके पास होने में कोई शुबहा नहीं है.उत्तराखंड सरकार के सरदार ने संघ और PM नरेंद्र मोदी के प्रमुख एजेंडा को अपने यहाँ लागू कर सभी BJP शासित राज्यों के CMs में बाजी मार ली है.माना जा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार भी इसे तकरीबन हूबहू देश भर में लागू कर सकती है.सबके लिए एक कानून से मुस्लिम धर्म की महिलाओं को ख़ास तौर पर बहुत राहत-सुविधा मिलेगी,ऐसा माना जा रहा है.

मंत्रिमंडल की बैठक में UCC पर Presentation के बाद सभी ने एकमत से प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए विधानसभा में पेश करने पर उत्साहपूर्वक सहमति दी.इस कानून की अहमियत का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि आजादी के बाद पहले जनसंघ और अब BJP के 3 एजेंडों में UCC भी शामिल था. जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटने से पहला और अयोध्‍या में ख़ूबसूरत राम मंदिर के निर्माण से दूसरा लक्ष्य संघ का पूरा हो चुका है.

UCC लागू करने का वादा किया था-पूरा किया:CM Pushkar Singh Dhami

PM नरेन्द्र मोदी ने संघ के दोनों एजेंडे को खुद कमान हाथ में ले के पूरा कराया.UCC को पुष्कर ने उनके मार्ग दर्शन में तकरीबन पूरा कर दिया है.केंद्र सरकार भी विधि आयोग से UCC पर पूर्व में सुझाव मांग चुकी है.Uniform Civil Code में हर धर्म, जाति, संप्रदाय, वर्ग के लिए पूरे देश में एक ही नियम-कायदा-कानून प्रस्तावित है. सभी धार्मिक समुदायों के लिए विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने के नियम एक ही होंगे.

देश में एक समान ‘आपराधिक संहिता’ है, लेकिन UCC नहीं है.CM पुष्कर इसको देश में पहली बार अंजाम देने का ताज अपने माथे पर रखने वाले हैं.देश में अभी तक ऐसी भी नजीर है कि एक ही परिवार में अलग-अलग रीति-रिवाजों को मानने वाले सदस्य हैं. हिंदुओं में भी धार्मिक मान्‍यताएं और रीति-रिवाजों को ले के काफी भिन्नताएँ दिखाई देती हैं.

मुसलमानों में भी शिया, सुन्‍नी, वहावी, अहमदिया समाज की परम्पराएं-रीति-रिवाज और नियम जुदा-जुदा हैं. ईसाइयों में भी ऐसा है.किसी धर्म में पुरुष बिना तलाक के भी कई शादी कर सकते हैं. कहीं विवाहित महिला को पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलता है.कहीं बेटियों को भी संपत्ति में बराबर का अधिकार नहीं है.UCC लागू होते ही सब एक कानून की छतरी के नीचे आ जाएंगे.पुष्कर के इस कानून पर संघ-PM मोदी-HM अमित शाह समेत सभी सियासी दलों और देश-विदेश के लोगों की नजरें गड़ी हुई हैं.

गोवा में UCC लागू है लेकिन अरब सागर के तट पर बसे इस छोटे से पुर्तगाली संस्कृति से आच्छादित राज्य को संविधान में विशेष राज्‍य का दर्जा दिया गया है.राज्‍य में सभी धर्म और जातियों के लिए Family Law है. उत्तराखंड के UCC सरीखा सख्त कानून वहां नहीं है.दुनिया में कई देशों में ये कानून लागू है.UCC लागू होने से बहुत फर्क आ जाएगा.सूत्रों के मुताबिक लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ा दी जाएगी. एक से ज्‍यादा शादी करने पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी.

UCC में उत्‍तराधिकार में बेटा और बेटी को बराबर का हक होगा.हलाला और इद्दत को खत्म किया जा सकता है.लिव-इन रिलेशन में कुछ declaration होंगे.विश्लेषकों के मुताबिक देवभूमि में UCC पर अमल देश में क्रांति ले के आएगा.CM पुष्कर का BJP में बढ़ता कद और रफ़्तार पकड़ लेगा.उनको पार्टी की Second Line के अगुवा की भूमिका मिल सकती है.

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