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सबसे बड़ी खबर!!UCC विधेयक `वन्दे मातरम-भारत माता की जय-जय श्रीराम’ के नारों के बीच विधानसभा में पेश:बहस शुरू:CM पुष्कर ने कहा,`समता के नए युग का उदय’:कांग्रेस ने कहा,पहले ड्राफ्ट पढ़ने का मौका मिलना चाहिए था:स्पीकर ने कहा,`बहस चलती रहेगी-पूरा मौक़ा रहेगा बात रखने का’

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`X’ पर तत्काल होने लगा ट्रेंड:देश-दुनिया के मीडिया की नजरें टिकी:उत्तराखंड के बाद देश भर में लागू होना मुमकिन  

Chetan Gurung

संविधान की किताब ले के आवास से उतरते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सभी धर्मों के लिए एक ही कानून (UCC) विधेयक CM पुष्कर सिंह धामी ने आज वन्दे मातरम-भारत माता की जय-जय श्रीराम के नारों के बीच विधानसभा में पेश कर दिया.इसके साथ ही Social Media प्लेटफार्म `X’ पर ये बिल फ़ौरन देश भर में ट्रेंड करने लग गया.देश और दुनिया की मीडिया टकटकी लगाए उत्तराखंड विधानसभा में होने वाले फैसले पर टिक गई है.मुख्यमंत्री ने इस बिल को समता के नए युग की शुरुआत करार दिया.कांग्रेस ने अलबत्ता ऐतराज जताया कि बेहतर होता अगर सभी को ड्राफ्ट को पढ़ने का मौका देने के बाद ही विधेयक को सदन में रखा जाता.स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि फिलहाल बिल पेश किया गया है.जब तक जरूरत होगी, इस पर बहस होगी.उस पर अपनी राय रखने के लिए वे आजाद हैं.

UCC विधेयक को सदन में पेश करते CM पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर ने समान नागरिक संहिता बिल सदन में पेश किया.इस दौरान सदन भारत माता की जय और वन्दे मातरम-जय-जय श्रीराम के उद्घोष से गूँज उठा.कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो कोई रण फतह हो गया हो. विधेयक के हक़ में BJP विधायकों ने कहा कि ये बिल आधी आबादी (महिलाओं) को उसका वाजिब हक़ दिलाएगा.मंत्री प्रेमचंद आर्य ने कहा कि पुत्र-पुत्री एक माता-पिता की जान होते हैं.दोनों को संपत्ति और भूमि-जायदाद में समान अधिकार का प्रावधान बिल में है.

मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि आधी आबादी (महिलाओं) को बिल में सम्मान और संपत्ति में अधिकार देने का प्रावधान बिल में होना बेहद आवश्यक था.विधायक मदन कौशिक ने कहा कि ईस्लाम धर्मावलम्बियों को भी इस क़ानून के लागू होने से बहुत फायदा होगा.उनके समाज को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाएगा.

कांग्रेस के यशपाल आर्य ने कहा कि 392 अनुच्छेद हैं.बेहतर होता इसको पहले विधानसभा की सम्बंधित समिति को भेजा जाता.ड्राफ्ट बहुत लम्बा-चौड़ा है.इसको पढ़ने का पर्याप्त अवसर सभी को मिलना चाहिए.प्रीतम सिंह ने भी बिल रखने से पहले पढ़ने के लिए पूरा वक्त देने पर जोर दिया.

बहस कब तक और कितने दिन चलेगी, ये तय नहीं है लेकिन स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि आज बिल पेश हुआ है.UCC विधेयक लाया जाना स्वागतयोग्य है.जब तक बहस जरूरी होगी, चलती रहेगी.सभी को इस पर विचार रखने का अवसर दिया जाएगा.सभी धर्मों के लिए एक कानून का विधेयक सदन में रखते ही `x’ (पूर्व का Twitter) में ये सबसे ऊपर ट्रेंड करने लगा है.

उत्तराखंड और मुख्यमंत्री पुष्कर भी इसके साथ-साथ ट्रेंड कर रह रहे हैं.ये ऐसा बिल है, जिस पर देश की ही नहीं बल्कि दुनिया के बड़े प्रकाशन समूहों की भी नजरें जमी हुई है.इसका अंदाज सभी को है कि उत्तराखंड में लागू होने के बाद ये कानून भारत भर में भी लागू करने का फैसला केंद्र की मोदी सरकार ले सकती है.पुष्कर के नक़ल विरोधी कानून (प्रतियोगी परीक्षा) को केंद्र सरकार ने हाथों-हाथ ले के लागू करने की कार्यवाही शुरू कर दी है.

मुख्यमंत्री सुबह आवास से हाथ में UCC ड्राफ्ट की कॉपी और भारत के संविधान को थाम के विधानसभा के लिए निकले.सदन के भीतर जब वह जा रहे थे तो उनके साथ मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और गणेश जोशी भी चल रहे थे.

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